चन्नी सरकार का ‘सफाई’ अभियान, कैप्टन के होर्डिंग्स से लेकर नौकरशाहों तक में होंगे बदलाव

चंडीगढ़. पंजाब में लगे होर्डिंग पर सालों तक कैप्टन अमरिंदर सिंह ही कांग्रेस के एकमात्र चेहरा रहे. चंडीगढ़ से चमकौर साहिब और लुधियाना के रास्ते पर आपको कैप्टन के तस्वीरों से लदे होर्डिंग दिख ही जाएंगे. यहां तक कि पंजाब रोडवेज की बसों पर भी कैप्टन की फोटो दिखाई पड़ती थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. हो सकता है कि जब तक ये रिपोर्ट आप तक पहुंचे आपको नए होर्डिंग नजर आएं, जिनमें से कैप्टन गायब रहें और चरणजीत चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू की तस्वीरें मौजूद हों.

नई सरकार कैप्टन के होर्डिंग हटाने की कवायद तेज कर रही है 22 सितंबर को पंजाब के परिवहन विभाग ने भी कैप्टन की तस्वीरों वाले विज्ञापनों को बसों से हटाने और चन्नी की तस्वीरों से बदलने के आदेश दिए गए हैं.

सूत्र ने बताया, ‘सभी चुनाव प्रचार अभियान के होर्डिंग में दो चेहरे चन्नी और सिद्धू होंगे.’ उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कैप्टन के सैकड़ों होर्डिंग लगे हुए हैं. कैप्टन के करीबी पूर्व मंत्री ने कहा कि ऐसे कामों से ‘पूर्व सीएम का और अपमान किया जा रहा है.’

नौकरशाही और मंत्रिमंडल में भी सफाई
नौकरशाही और सियासी क्षेत्रों में भी ‘कैप्टन के वफादारों’ को बाहर करने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं. चंडीगढ़ में कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सिद्धू की आपत्ति आने के बाद वरिष्ठ मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा की पसंद को डिप्टी सीएम के लिए आखिरी समय में हटा दिया गया था. उन्होंने कहा कि कम से कम चार और कैप्टन के वफादार मंत्रियों को शायद नई कैबिनेट में जगह न मिले. नए मंत्रिमंडल की घोषणा इस हफ्ते हो सकती है.
नौकरशाही में भी बदलावों की शुरुआत शीर्ष से हो सकती है. डीजीपी दिनकर गुप्ता और उनकी पत्नी और मुख्य सचिव विनी महाजन रडार पर हैं. इसके बाद जिला एसएसपी और डीसी में भी फेरबदल हो सकते हैं.
सिद्धू खेमे के एक नेता ने कहा, ‘आदर्श आचार संहिता लगने से पहले अगले तीन चार महीनों में सरकार को वादे पूरे करने के लिए रफ्तार से काम करना होगा. जल्दी ही बड़े कदम उठाए जाएंगे. फिर चाहे वे बेअदबी के मामले हों, पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स को खत्म करना या ड्रग कारोबार में शामिल बड़ी मछली को पकड़ना हो. एक ऐसी टीम के बजाए जो इससे पहले वादे पूरे नहीं पाई, पुलिस और नौकरशाहों की नई टीम के साथ ये काम करना बेहतर है.’ एक अन्य सूत्र ने तर्क दिया कि ‘सिस्टम में ऐसे जासूस का नहीं होना’ अच्छा है, जो कैप्टन खेमे को जानकारी लीक करे.
हालांकि, नई सरकार के ये कदम कांग्रेस के मत के विपरीत नजर आ रहे हैं. पार्टी ने उम्मीद जताई थी कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब में पार्टी के ‘गार्जियन’ के रूप में काम करेंगे. दोनों पक्षों में अविश्वास साफ बना हुआ है. 22 सितंबर को कैप्टन ने सिद्धू पर ‘सुपर सीएम’ होने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था, ‘सिद्धू वर्चुअली शर्तें तय कर रहे हैं, चन्नी केवल हां में सिर हिला रहे हैं.’
कैप्टन ने कहा, ‘मेरे पास बहुत अच्छे पीपीसीसी अध्यक्ष (सुनील जाखड़) थे. मैंने उनसे सलाह ली, लेकिन उन्होंने मुझे कभी नहीं बताया कि सरकार कैसे चलानी है.’ उन्होंने कहा कि अगर सिद्धू सुपर सीएम की तरह बर्ताव करते रहेंगे, तो पार्टी काम नहीं कर पाएगी. बुधवार को पूर्व सीएम ने कहा, ‘इस ड्रामे में अगर पंजाब चुनाव में कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी हासिल कर लेती है, तो बड़ी बात होगी.’

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