‘सॉरी मैं पूछकर नहीं गया,’ संयुक्त किसान मोर्चा से सस्पेंड किए जाने पर बोले योगेंद्र यादव, भारतीय संस्कृति की दी दुहाई

संयुक्त किसान मोर्चा से सस्पेंड किये जाने के बाद योगेंद्र यादव ने कहा कि ‘सॉरी मैं पूछकर नहीं गया।’ योगेंद्र यादव ने भारतीय संस्कृति की दुहाई देते हुए कहा कि वो मृतक बीजेपी के कार्यकर्ता के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना जताने गए थे और उन्होंने ऐसा सिर्फ भारतीय संस्कृति की वजह से किया। 3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी में हुई हिंसा में बीजेपी के कार्यकर्ता सुभम मिश्रा की मौत हुई थी। योगेंद्र यादव शुभम मिश्रा के परिजनों से मिलने गए थे जिसके बाद उन्हें एक महीने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से सस्पेंड कर दिया।

योगेंद्र यादव ने कहा कि खेद व्यक्त करते हैं कि उन्होंने इस मुलाकात से पहले एसकेएम के सदस्यों से संपर्क नहीं किया और यह दुख की बात है उनकी भावनाएं आहत हुईं। योगेंद्र यादव ने कहा, ‘ किसी भी आंदोलन में सभी की मिलीजुली राय किसी एक इंसान की राय से ऊपर होती है। मुझे माफ कर दीजिए कि मैंने अपना फैसला लेने से पहले एसकेएम के अन्य कॉमरेडों से से बात नहीं की।’

योगेंद्र यादव ने कहा, ‘मैं संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले लेने की प्रक्रिया का सम्मान करता हूं और इस प्रक्रिया के तहत सजा भुगतने के लिए भी तैयार हूं। मैं इस ऐतिसाहिक आंदोलन की सफलता के लिए और भी ज्यादा मजबूती से काम करूंगा।’

यादव ने शुभम मिश्रा के परिवार से हुई अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि यह मानवता के नाते किया गया था। यह मानवता के आधार पर किया गया था और भारतीय संस्कृति के तहत किया गया था। योगेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने से पहले उस हिंसा में मारे गए किसानों और पत्रकार के परिवारों से भी मुलाकात की थी। उन्होंने आशा जताई कि आम जनता की भावनाओं से किसान आंदोलन को मजबूती मिलेगी।

एक वरिष्ठ किसान नेता के मुताबिक यादव को सस्पेंड करने का फैसला एसकेएम की जनरल बॉडी की एक मीटिंग में लिया गया। किसान नेता ने कहा कि वो किसान मोर्चा की बैठकों औऱ अन्य कार्यों में सम्मिलित नहीं हो सकते हैं।

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