बड़ा सुधार करने जा रही मोदी सरकार, अगले महीने से 4 हाथ से ज्यादा पास नहीं की जाएगी कोई भी फाइल

नई दिल्ली. देश में पिछले 6 सालों से केंद्र की सत्ता में मौजूद नरेंद्र मोदी सरकार जल्द ही कैबिनेट के स्तर पर काफी अहम फैसला लेने जा रही है जिसका असर पूरी तरह से आम नागरिकों पर पड़ेगा. मोदी सरकार में आखिरकार नौकरशाही से जुड़ा बड़ा सुधार होने जा रहा है जिसके अंतर्गत अगले महीने से केंद्र सरकार की कोई भी फाइल फैसले से पहले चार हाथ से ज्यादा हाथों से नहीं गुजरेगी और मंत्रालय भी एक-दूसरे को ई-फाइलें जमा कर सकेंगे. मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इससे एक-दूसरे की राय लेने में तेजी आएगी और सरकारी कार्यालयों के एक्सिक्यूटिव-केंद्रित और बिजनेस ओरिएंटेड कार्यात्मक बदलाव में संगठन को समतल करने और हाई लेवल तक फाइलों को आगे बढ़ाने के बजाय प्रतिनिधिमंडल को सौंपने का काम किया जाएगा.

अधिकारी ने कहा कि कुल 58 मंत्रालयों और विभागों ने फाइलों को चार स्तरों पर लाने के लिए “सबमिशन के चैनल” की समीक्षा की गई है और बाकी मंत्रालय उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और अगले महीने तक ऐसा करने की उम्मीद है. इससे पहले, मोदी सरकार ने 2015 में नीतिगत निर्णयों में गति लाने के लिए सबमिशन स्तरों के चैनल को कम करने के लिए एक अभियान शुरू किया था जिसमें 10-12 राउंड घूमने वाली सरकारी फाइलें को 6-7 स्तर तक ले आया गया था. इसे हासिल करने के लिए करीब छह सालों वरिष्ठ स्तर पर 300 से ज्यादा बैठकें की जा चुकी है.

इसके अलावा, सरकार ने इस महीने ई-ऑफिस 7.0 वर्जन शुरू किया है, जिससे पहली बार फाइलों को एक से दूसरे मंत्रालय भेजे जाने की अनुमति दी गई है – इसलिए सभी मंत्रालय अब अपने प्रस्ताव ऑनलाइन जमा कर सकते हैं. अब तक मंत्रालयों के पास अंतर-मंत्रालय के काम के लिए ई-ऑफिस की सुविधा थी. नया वर्जन आ जाने के बाद अब सभी 84 मंत्रालयों और विभागों के नवंबर में ई-ऑफिस 7.0 संस्करण में बदलने की उम्मीद है. अभी भी 32,000 से अधिक ई-फाइलें अब प्रतिदिन बनाई जा रही हैं और भारत में वर्तमान में लगभग 25 लाख ई-फाइलें हैं.

क्या हैं इसके मायने?
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि सबमिशन के चैनल के लिए जो चार स्तर पर पहचाने गए हैं उनमें सचिव, अतिरिक्त सचिव या संयुक्त सचिव, निदेशक या उप सचिव या अवर सचिव और अन्य सभी स्तर शामिल हैं. विचार यह है कि एक श्रेणी के किसी अधिकारी को उसी श्रेणी के किसी अन्य अधिकारी को फाइल जमा करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. संयुक्त सचिवों और अतिरिक्त सचिवों और निदेशक, उप सचिव और अवर सचिव के बीच फाइल जमा करने की जरूरत को खत्म करने के लिए सभी मंत्रालय अब जरूरी बदलावों के साथ इस पद्धति को अपना रहे हैं.

इसमें उचित स्तरों पर शक्तियों का एक समूह शामिल है. यह भी प्रस्तावित है कि नियमित मामलों का निपटारा सिर्फ एक स्तर पर किया जाए. एक अधिकारी ने कहा कि यह अभ्यास 2015 में शुरू हुआ था और सभी मंत्रालयों को बोर्ड में लाने में इतना समय लगा. एक अधिकारी ने कहा “नौकरशाही में हमेशा ज्यादा लोगों को एक ही स्तर पर लाने के लिए फ़ाइल को ऊपर भेजने की प्रवृत्ति रही है. इसके चलते फैसले लेने में देरी होती है.”

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