‘जिन्हें मंदिर में बैठना नहीं आता, वो हिन्दू और हिंदुत्व पर ज्ञान देते हैं’: अमेठी में गरजे CM योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (3 दिसंबर, 2021) को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के लोकसभा क्षेत्र अमेठी में राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास व जिला स्तरीय रेफरल चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने ‘जन विश्वास यात्रा’ का भी नेतृत्व किया। सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने विभाजनकारी राजनीति को सदैव अपनाया, विघटन और विभाजन जिनके जींस का हिस्सा है, जिनके पूर्वज कहते थे हम तो एक्सीडेन्टली हिंदू हैं तो वो लोग अपने को हिंदू नहीं बोल सकते।
उन्होंने कहा कि हम लोगों में कोई छुपाव भी नहीं है कोई घबराहट भी नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि देश में सांप्रदायिकता विरोधी कानून लाकर इस देश के हिन्दुओं को कैद कर देना चाहते थे, उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना चाहते थे और जब कोई चुनाव आता था तब ये निकल पड़ते थे हिंदू बनने। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम भारतीय हैं और हिंदू हमारी सांस्कृतिक पहचान है – इसपर हमको गौरव की अनुभूति होनी चाहिए।

यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में सपा, कॉन्ग्रेस, बसपा का कोई भी कार्यकर्ता, कोई नेता, कोई जन प्रतिनिधि, इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर सामान्य कार्यकर्ता तक जनता के बीच नहीं था। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही ये लोग जहाँ-तहाँ अपने दर्शन देने के लिए आ रहे होंगे और चुनाव बाद साढ़े चार साल तक गायब हो जाएँगे, फिर नहीं दिखाई देंगे। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार का बुलडोजर जब चलता है तो उस समय समाजवादी पार्टी के बबुआ को बुरा लगता है, भाई और बहन को बुरा लगता है।
सीएम योगी ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेठी के पूर्व सांसद को मंदिर में बैठने का तरीका नहीं मालूम है, अब अगर इतने संस्कार भी नहीं मालूम और वे हिंदू और हिंदुत्व का फर्क करें तो फिर ये उनकी बुद्धि का फेर है। यूपी में हालिया आईटी छापेमारियों को लेकर उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में गरीबों के हक का पैसा सपा के बबुआ के इत्र वाले मित्रों के घर की दीवारों में दबाया जा रहा था। राहुल गाँधी पर उन्होंने कहा कि आपके पूर्व सांसद जब विदेश में रहते हैं तो भारत के खिलाफ बोलते ही हैं और जब केरल में जाते हैं तो अमेठी के खिलाफ भी जरूर बोलते हैं, अमेठी की जनता को कोसते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम भारतीय हैं और हिंदू हमारी सांस्कृतिक पहचान है। इस पर हमें गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। कश्मीर में धारा 370 लगाने में उनको गुरेज नहीं था क्योंकि धारा 370 आतंकवाद की जड़ थी, लेकिन सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का विरोध जरूर कर रहे थे। काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण करने वाले श्रमिकों पर पुष्प वर्षा राष्ट्र निर्माण की सोच है। एक तरफ निर्माण और एक तरफ विध्वंस करने वालों की लड़ाई वर्तमान में चल रही है।”

उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में गुजरात चुनाव जब चल रहा था तब चुनाव के दौरान यहाँ के पूर्व सांसद एक मंदिर में गए और पूजा करने के लिए पालथी की जगह घुटने टेक कर बैठ गए। उन्होंने बताया कि कैसे पुजारी ने उनको सही से बैठने को कहा और बताया कि यह मंदिर है मस्जिद नहीं है। सीएम योगी ने गरजते हुए कहा कि जिनको बैठने का नहीं पता मंदिर में वो हिंदू और हिंदुत्व पर ज्ञान देते हैं। उन्होंने राज्य की 3.06 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाने का भी फैसला लिया।

सीएम योगी ने कहा, “अयोध्या में राम मंदिर क्या ये भाई बहन बना लेते? याद करिए सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार कार्यक्रम में जब डॉ. राजेंद्र प्रसाद जा रहे थे तो इनके परनाना ने विरोध किया था, उन्होंने कहा कि ये नहीं करना चाहिए। ये लोग अयोध्या में राम मंदिर का भी विरोध कर रहे थे। प्रदेश सरकार का बुलडोजर जब चलता है तो सपा के बबुआ को बुरा लगता है। जब माफियाओं की संपत्ति जब्त होती है तब उन्हें बुरा लगता है। भाई और बहन को जब माफियाओं पर बुलडोजर चलता है तो बुरा लगता है, ये क्यों हो रहा है। ये लोग आंतकवादियों के खिलाफ मुकदमों को वापस लेते हैं।”

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