भारत ने दक्षिण अफ्रीका पर कसा शिकंजा, आधी टीम पवेलियन लौटी

दोअाबा रिपोर्टर/डरबन (खेल संवाददाता) 6 एकदिवसीय मैचों की सीरीज के पहले मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका पर शिकंजा कस लिया है. चहल और कुलदीप यादव की घातक गेंदबाजी के आगे अफ्रीकी बल्लेबाज घुटने टेक दिये हैं. टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने 31 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 142 रन बना लिये हैं. अफ्रीकी टीम को अकेले फाफ डु प्लेसिस ने संभालकर रखा है. डु प्लेसिस ने अर्धशतक बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं. टीम इंडिया के स्पिनर चहल और कुलदीप यादव का जादू चल चुका है. दोनों स्पिनरों ने अब तक दो-दो विकेट लिये हैं. एक विकेट बुमराह के खाते में आया है। इससे पहले अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी का फैसला किया था. लेकिन मेजबान टीम का फैसला सही साबित नहीं हुआ और मात्र 30 रन पर अमला का विकेट खो दिया. 83 रन पर डि कॉक 34 रन बनाकर चहल के शिकार हुए. एडेन मार्कराम 9 रन पर चहल के शिकार हुए। बढ़े मनोबल के साथ उतरेगी और उसका लक्ष्य दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर पहली वनडे शृंखला जीतकर नया इतिहास रचना होगा. यही नहीं विश्वकप 2019 के लिए अब केवल 14 महीने का समय बचा है और ऐसे में भारत इस शृंखला से क्रिकेट महाकुंभ के लिए अपनी तैयारियों की भी शुरुआत करेगा।
भारत को अपनी बड़ी टेस्ट शृंखला से पहले काफी एकदिवसीय मैच खेलने हैं और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इसकी सकारात्मक शुरुआत करना उसके लिए बेहद जरुरी है. भारत को दक्षिण अफ्रीका से छह वनडे और तीन टी20 मैच खेलने के बाद श्रीलंका में त्रिकोणीय शृंखला में भाग लेना है. इसके बाद आईपीएल होगा जबकि इसके बाद उसे इंग्लैंड और आयरलैंड में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलने हैं। इंग्लैंड में अगस्त में वह पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा. इतने अधिक वनडे मैचों विशेषकर दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के प्रदर्शन के आधार पर टीम प्रबंधन को विश्व कप के लिए अपनी टीम सुनिश्चित करने का भी मौका मिलेगा. उसे टीम में जरूरी सुधार करने का अवसर भी मिलेगा. इस सबके बीच भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका में अपनी पहली द्विपक्षीय वनडे शृंखला जीतने की कोशिश करेगी।
भारत को इससे पहले यहां खेली गयी चार द्विपक्षीय शृंखलाओं में हार का सामना करना पड़ा. उसने दो बार यहां त्रिकोणीय शृंखलाओं में भी हिस्सा लिया जिसमें तीसरी टीम जिम्बाब्वे और कीनिया थी लेकिन तब भी दक्षिण अफ्रीका ही चैंपियन बना था. भारत का दक्षिण अफ्रीका में द्विपक्षीय शृंखलाओं में रिकार्ड अच्छा नहीं है। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसकी सरजमीं पर 28 मैच खेले है जिनमें से केवल पांच में उसे जीत मिली है और 21 मैच भारत ने गंवाये हैं. वर्तमान भारतीय टीम प्रबंधन इस रिकार्ड में सुधार करने के लिए बेताब है जिसका इरादा विदेश की परिस्थितियों में भारत के प्रदर्शन में सुधार करना भी है. पहला मैच डरबन में खेला जाएगा जहां भारत का रिकार्ड अच्छा नहीं रहा है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1992-93 से इस स्थान पर भारत ने जो सात मैच खेले हैं उनमें से छह में उसे हार मिली जबकि एक का परिणाम नहीं निकला. भारत ने हालांकि 2003 विश्व कप के दौरान यहां इंग्लैंड और कीनिया को हराया था।
यहीं नहीं भारत की निगाह इस शृंखला में अच्छा प्रदर्शन करके वनडे टीम रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करना भी होगा. भारत अगर 4-2 से शृंखला जीत लेता है तो वह दक्षिण अफ्रीका के स्थान पर शीर्ष पर पहुंच जाएगा. दोनों टीमों के बीच अभी केवल दो रेटिंग अंकों का अंतर है. विराट कोहली की टीम ने पिछले सप्ताह वांडरर्स में अपना अजेय अभियान जारी रखकर टेस्ट मैचों में नंबर एक रैंकिंग भी बरकरार रखी. दक्षिण अफ्रीका ने भले ही टेस्ट शृंखला 2-1 से जीती लेकिन जोहांनिसबर्ग में तीसरा मैच उसने 63 रन से गंवाया जहां की पिच को आईसीसी मैच रेफरी एंडी पायक्राफ्ट ने खराब करार दिया. भारत का फिलहाल वनडे रिकार्ड भी शानदार रहा है। उसने जनवरी 2016 में ऑस्ट्रेलिया से 1-4 से श्रृंखला गंवाने के बाद एक भी द्विपक्षीय शृंखला नहीं गंवायी है. इस बीच उसने जिम्बाब्वे, न्यूजीलैंड (दो बार), इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका (दो बार) ओर ऑस्ट्रेलिया को हराया. इस दौरान भारत ने द्विपक्षीय शृंखला के 32 में से 24 मैच जीते. भारत इस बीच केवल इंग्लैंड में पिछले साल खेली गयी चैंपियन्स ट्राफी के फाइनल में पाकिस्तान से पराजित हुआ था।

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