‘…आज केजरीवाल का नाम अरविंद खान होता’

नई दिल्ली (राजीव शुक्ला) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं। लेकिन अगर इतिहास में एक ऐसी घटना न घटती तो आज उनका नाम अरविंद खान होता, ये कहना है भाजपा के एक नेता का। पढ़ें क्या है मामला…। दरअसल दिल्ली के सभी राजनीतिक दल अभी से उपचुनाव की तैयारियों में जुटते दिखाई दे रहे हैं, इसी क्रम में वे एक-दूसरे पर निशाना भी साध रहे हैं। एक ओर जहां आम आदमी पार्टी भाजपा को सीलिंग मुद्दे पर घेर रही है तो वहीं अब भाजपा ने भी आम आदमी पार्टी सरकार को दिल्ली विधानसभा में लगाए गए टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर घेरा है।
शर्म करो केजरीवालः भाजपा का मानना है कि केजरीवाल सरकार ने एक ऐसे शासक की तस्वीर विधानसभा में लगाई है, जिन्होंने हजारों हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाकर उन्हें इस्लाम धर्म कबूल करने पर मजबूर किया था। भाजपा नेता तेजेंद्र बग्गा ने दिल्ली के कई जगहों पर इस मुद्दे पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए पोस्टर भी लगाया है। जिसमें यह लिखा है कि लाखों हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाकर उन्हें इस्लाम धर्म कबूल करवाने वाले मुगल शासक और हत्यारे टीपू सुल्तान की तस्वीर विधानसभा में लगवाने पर शर्म करो केजरीवाल।
देश के शहीदों की तस्वीर नहीं लगाईः यहीं नहीं बग्गा ने केजरीवाल के खिलाफ एक वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने उस वीडियो के जरिए दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए कहा है कि केजरीवाल ने जब 26 जनवरी को यह घोषणा की थी कि वह दिल्ली विधानसभा परिसर के भीतर हमारे देश के शहीदों की तस्वीर लगाएंगे तो यह सुनकर बहुत खुशी मिली थी। लेकिन वहां ऐसी तस्वीर लगा दी गई जो मुगल आक्रमणकारी था, जो बाबर और औरंगजेब के परंपरा से संबंध रखता था।
अरविंद केजरीवाल नहीं अरविंद खान होताः बग्गा ने आगे कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में उस व्यक्ति की तस्वीर लगाई जो भारत देश से कोई ताल्लुक नहीं रखता था। वह देश के बाहर का व्यक्ति था। केजरीवाल यदि हमारे वीर जवानों ने यदि अपने देश और धर्म के लिए अपनी जिंदगी न्योछावर ना की होती तो आज आप का नाम अरविंद केजरीवाल नहीं अरविंद खान होता। बग्गा ने कहा कि केजरीवाल अभी भी समय है, आप उन तस्वीरों को हटाकर हमारे देश के वीरों और जवानों की तस्वीर लगाइए जिन्होंने हमारे देश के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी।
कभी भी हो सकती है 20 सीटों पर उपचुनाव की घोषणाः मालूम हो कि आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता इलेक्शन कमीशन द्वारा रद्द कर देने के बाद अब दिल्ली की राजनीति करवट लेती हुई नजर आ रही है। कभी भी 20 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। यही कारण है कि दिल्ली के तमाम राजनीतिक दल अभी से ही मुद्दों को उठाकर अपने विपक्ष को घेरते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, अभी आप विधायकों की सदस्यता का मामला हाईकोर्ट में भी चल रहा है लेकिन उम्मीद यही जताई जा रही है कि दिल्ली में 20 विधानसभा के उपचुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है।

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