सलमान, धर्मेंद्र की मदद से महाराष्ट्र में कृषि पर्यटन का नया विस्तार

सलमान खान के पनवेल फार्म हाउस में धान की खेती करने के वीडियो और फोटो, धर्मेंद्र के अपने फार्महाउस में खेती करने के वीडियोज और तमाम दूसरी फिल्मी हस्तियों के महाराष्ट्र के सुदूर इलाकों में खेती करने की खबरों ने राज्य में कृषि पर्यटन को एक नया व्यवसाय बना दिया है। कोरोना संक्रमण के बावजूद बीते साल महाराष्ट्र में करीब आठ लाख लोगों ने खेतों और बागान में घूमकर स्थानीय खेती का आनंद लिया। कृषि पर्यटन से महाराष्ट्र के किसानों को करोड़ों की आमदनी भी हो रही है।

देश के पश्चिमी घाट पर बसे महाराष्ट्र के तमाम गांवों में साल भर पर्यटन होता रहता है। खासतौर से कोंकण इलाके की सुंदरता देखने विदेश से भी हजारों लोग हर साल आते हैं। महाराष्ट्र के तमाम इलाकों पिछले कुछ साल से देसी पर्यटक भी खूब दिख रहे हैं। इस बीच कोरोना संक्रमण फैलने के बाद से वर्क फ्रॉम होम के लिए महाराष्ट्र के गांवों में बने रिजॉर्ट्स और पर्यटन गृह भी लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं। महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के सूत्र बताते हैं कि धर्मेंद्र और सलमान खान की खेती किसानी की इंस्टाग्राम तस्वीरों ने राज्य में कृषि पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

महाराष्ट्र देश के उन गिने चुने राज्यों में है जहां राज्य सरकार ने कृषि पर्यटन पर लगातार फोकस बनाए रखा। सरकार किसी भी दल की रही हो लेकिन इस क्षेत्र में राजनीतिक हस्तक्षेप कम ही हुआ है। 16 साल पहले राज्य में पांडुरंग तवारे के नेतृत्व में कृषि पर्यटन का पायलट प्रोजेक्ट एनसीपी नेता शरद पवार के इलाके बारामती में शुरू हुआ था। दो साल बाद राज्य में कृषि पर्यटन के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास केंद्र भी खुल गया। कृषि पर्यटन विकास निगम भी राज्य में अच्छा काम करने लगा है। तवारे ने ही इस निगम की स्थापना की थी। वह कहते हैं कि स्कूली बच्चों के खेती में दिलचस्पी दिखाने से राज्य में कृषि पर्यटन का चेहरा बदला है और कृषि पर्यटन आने वाले समय का बड़ा व्यवसाय बन सकता है।

जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में कृषि पर्यटन अब 29 जिलों में अपने पैर पसार चुका है। इन 29 जिलों में 328 कृषि पर्यटन केंद्र सुचारू रूप से काम कर रहे हैं और कोरोना संक्रमण काल में यहां आने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों को यहां की शांति और शुद्ध वातावारण खूब प्रभावित कर रहा है। राज्य के पर्यटन निदेशालय के आंकड़े बताते हैं कि इस कृषि पर्यटन से संबंधित महाराष्ट्र के किसानों की आय में 25 फीसदी की वृद्धि साल दर साल हो रही है। कृषि पर्यटन से महाराष्ट्र किसानों ने बीते साल 56 करोड़ रुपये की कमाई की।

महाराष्ट्र पर्यटन निदेशालय के निदेशक डॉ. धनंजय सावलकर इस बारे में कहते हैं, ‘कृषि पर्यटन देश में तेजी से विकसित हो रहा विचार है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को इससे काफी मजबूती मिल सकती है। पर्यटन और कृषि का ये उत्साहित करने वाला रिश्ता गांव वालों के लिए नए आर्थिक मौके तो ला ही रहा है, इससे गांवों के दीर्घकालिक विकास में भी मदद मिल रह है।’

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