कौन था शूर्पनखा का पति, जो था रावण की मृत्यु का कारण!

देश के कई राज्यों में लॉकडाउन लगा हुआ है जिस वजह से कई टीवी पर एक बार फिर रामायण, महाभारत आदि का प्रसारण शुरू हो गया है. ऐसा ही पिछले लॉकडाउन में भी हुआ था और लोगों ने रामायण को काफी पसंद किया था. इतना ही टीआरपी में भी रामायण ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. अब एक बार फिर रामायण का जिक्र शुरू हो गया है.

ऐसे में रामायण से जुड़ी कहानियां की बातें भी घर-घर में होने लगी है. आपने भी रामायण देखी होगी और रामायण से जुड़ी कहानियां पढ़ी होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं शूर्पनखा का पति कौन था, जो रावण की मृत्यु की वजह बना था. जी हां, ऐसी कहानियां भी कही जाती हैं कि शूर्पनखा ही रावण के वध की वजह बनी थी और शूर्पनखा का श्राप ही इसका कारण था. जानते हैं शूर्पनखा के पति की क्या कहानी है, जो बहुत कम लोग जानते हैं…

क्या है शूर्पनखा की कहानी?
कई कहानियों में एक शूर्पनखा की एक कहानी भी शामिल है. इस कहानी में कहा जाता है कि रावण ने कई योद्धाओं का हराया था और अपने राज्य का विस्तार किया था. उसने राजा कालकेय को भी हराया था, जिसका सेनापति विद्युतजिव्ह था. पौराणिक कथाओं के अनुसार, विद्युतजिव्ह शूर्पनखा का पति था और रावण ने दुश्मन सेना का सेनापति होने की अपनी बहन के पति विद्युतजिव्ह को मार दिया था. इससे शूर्पनखा काफी गुस्सा हुई और नाराज हुई, इसके बाद शूर्पनखा ने रावण को मन ही मन श्राप दिया था कि रावण की मौत की वजह भी वो ही बनेगी.

वहीं, कहानी ये भी है कि शूर्पनखा के नाक काटने के बाद रावण ने राम से दुश्मनी की और सीता का अपहरण किया. सीता का अपहरण ही उसके वध का कारण बना. ऐसे में कहा जाता है कि शूर्पनखा की वजह से ही रावण का वध हुआ था. हम सभी जानते हैं कि सीता हरण में शूर्पणखा ने सबसे मुख्य भूमिका निभाई थी.

रावण वध के बाद शूर्पनखा का क्या हुआ?
रावण वध के बाद शूर्पनखा का क्या हुआ, इसे लेकर कई तरह की कहानियां हैं. कहा जाता है कि शूर्पनखा का चित्रण केवल अरण्य कांड तक ही मिलता है. रावण वध के बाद शूर्पनखा का कोई उल्लेख नहीं है. लेकिन कहा जाता है कि शूर्पनखा ने लंका छोड़कर संन्यास ले लिया. वहीं, शूर्पनखा को लेकर कहा जाता है कि हो सकता है कि शूर्पनखा ने विभीषण के शासन में रहना पसंद किया हो.

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