नारद मुनि का रोल करके विलेन बना था ये एक्टर, जानिए कुछ खास बातें?

70 और 80 के दशक में हिंदी सिनेमा के पास एक ही ऐसा विलेन था जो हर फिल्म में जान फूक देता…वो थे एक्टर जीवन . 10 जून 1987 को जीवन ने इस दुनिया को अलविदा कहा था. जीवन अपने निगेटिव रोल से फिल्म को एक नया रूप दे देते थे. एक्टर ने कई अलग अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया था. एक्टर के करीब 4 दशक तक काम किया था. 10 जून 1987 को एक्टर जीवन का 71 साल की उम्र में निधन हो गया.

कश्मीरी परिवार में जन्में जीवन का असली नाम ओंकारनाथ धर था. आपको बता दें कि मशहूर एक्टर किरण कुमार जीवन के बेटे हैं. एक वक्त ऐसा था कि मेकर्स जीवन को विलेन के रोल के लिए फिल्म में केवल उनको लेना ही पसंद करते थे. जीवन आज भले इस दुनिया में ना हों लेकिन उनकी जगह एक्टिंग में कोई नहीं ले पाया है.

विलेन से पहले नारद से मिली थी पहचान
देवर्ष‍ि नारद का नाम आते ही, दिमाग में जीवन की छवि आ जाती है.एक्टर ने अलग अलग भाषाओं में करीब 60 फिल्मों में नारद का किरदार निभाया है. कहते हैं 50 के दशक में जो भी धार्मिक फिल्म बनती थी उसमें नारद का रोल जीवन ही प्ले करते थे.

26 रुपए से की शुरूआत
जब जीवन मुंबई एक्टर बनने आए थे तब एक्टिंग को अच्छा पेशा नहीं माना जाता था. ऐसे में वह 18 साल की उम्र में केवल 26 रुपए लेकर मुंबई एक्टर बनने आए थे. मुंबई आकर पहले उनको मोहन सिन्हा के स्टूडियो में रिफ्लेक्टर पर सिल्वर पेपर चिपकाने का काम मिला था. इसके बाद धीरे धीरे किसमत बदली और उनकी एक्टिंग भी चमकी.

क्यों बनें विलेन
कहते हैं जीवन एक लीड एक्टर के रूप में करियर बनाना चाहते थे, लेकिन ज्यादा वक्त नहीं लगा और वह समझ गए कि उनका चेहरा हीरो लायक नहीं है, इसलिए उन्होंने खलनायकी में खुद को आजमाया और इसमें उनको अपार सफता मिली थी. एक्टर को फैंस के बीच एक नायाब एक्टिंग वाले विलेन के रूप में पहचान मिली है.

नायाब फिल्में
एक्टर जीवन ने अमर अकबर एंथोनी नागिन, शबनम, हीर-रांझा, जॉनी मेरा नाम, कानून, सुरक्षा, लावारिस, जैसी अनको फिल्मों में अहम भूमिकाएं निभाई थीं और फैंस को खुद का दीवाना किया था. इतना ही नहीं एक्टर ने पंजाबी फिल्मों में भी एक्टिंग की छाप छोड़ी थी.

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