पहले सिंधिया और अब जितिन, बिखर गई है राहुल गांधी की टीम!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद पार्टी का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। उनसे पहले पार्टी के कई नेता भाजपा में शामिल हुए हैं, पर जितिन के साथ छोडने से राहुल गांधी की युवा टीम बिखर गई है। क्योंकि, आने वाले दिनों में कुछ और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।

जितिन प्रसाद के 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। पर उस वक्त कांग्रेस ने इन अटकलों को खारिज कर दिया था। जितिन प्रसाद यूपी कांग्रेस का बड़ा चेहरा हैं। कई बार उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा हुई, पर हर बार उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। एआईसीसी में उन्हें कोई खास तवज्जो नहीं मिली। इसलिए, वह असंतुष्ट नेताओ में शामिल रहे।

भाजपा के साथ समाजवादी पार्टी की कांग्रेस नेताओं पर नजर है। पश्चिमी उप्र के वरिष्ठ मुसलिम नेता सपा में शामिल हो सकते हैं। वहीं, कई दूसरे नेताओं के लिए जितिन ने भाजपा का दरवाजा खोल दिया है। ऐसे में तय है कि चुनाव से पहले कई और कांग्रेसी पाला बदल सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सिर्फ यूपी नहीं, दूसरे प्रदेशों में भी भगदड़ मचेगी।

जितिन प्रसाद के पार्टी छोड़ने के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या युवा नेताओं का कांग्रेस से मोहभंग हो गया है।? राहुल गांधी की टीम का अहम हिस्सा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन पार्टी छोड़ चुके हैं। मिलिंद देवड़ा भी पार्टी से बहुत खुश नहीं है। वह कई बार पार्टी पर सवाल उठा चुके हैं। सचिन पायलट की नाराजगी भी किसी से छिपी नहीं है।

इन नेताओं के साथ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव भी बहुत खुश नहीं हैं। कभी सोशल मीडिया की जिम्मेदारी संभालने वाली दिव्या स्पंदना भी चुप्पी साधे हुए हैं। इससे साफ है कि पार्टी के युवा नेता बहुत खुश नहीं हैं। लगातार हार के बाद उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। इसलिए पार्टी नेता अपना राजनीतिक करियर बचाने के लिए पाला बदलने के लिए तैयार हैं।

जितिन प्रसाद की नाराजगी
जितिन प्रसाद काफी दिनों से पार्टी से नाराज चल रहे थे। पिछले लोकसभा चुनाव में भी उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगी थीं, पर वह गलत साबित हुईं। यूपी में हार के बाद राजबब्बर के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद जितिन प्रसाद को नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की खबरें थीं, पर पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने अजय कुमार लल्लू पर भरोसा किया। ताजा विवाद शाहजहांपुर जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर है। जितिन अपने भरोसेमंद नेता को जिला अध्यक्ष बनाना चाहते थे, पर प्रदेश कांग्रेस ने उनकी बात नहीं मानी।

जितिन के जाने से नुकसान
यूपी चुनाव में अब बहुत ज्यादा वक्त नहीं बचा है। ऐसे में जितिन प्रसाद जैसे बड़े नेता के पार्टी छोड़ने से कार्यकर्ताओं का हौसला पस्त होता है। वहीं, यह संदेश भी जाता है कि कांग्रेस का चुनाव में कोई भविष्य नहीं है। यूपी में पार्टी पहले ही मुश्किल दौर से गुजर रही है। ऐसे में जितिन प्रसाद जैसे बड़े चेहरे के पार्टी छोड़ने से उनके आसपास की कई सीट पर भी असर पड़ सकता है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *