अपने स्तर पर विवाद को सुलझाने और नाराज नेताओं के गिले-शिकवे दूर करने में जुटे कैप्टन

पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान का हल निकालने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू को 20 जून को दिल्ली बुलाने की चर्चा है। इससे पहले कैप्टन भी अपने स्तर पर विवाद को सुलझाने और नाराज नेताओं के गिले-शिकवे दूर करने में जुटे हैं।

उन्होंने बुधवार को अपने सिसवां स्थित आवास पर 16 विधायकों को दोपहर के खाने पर बुलाया और देर शाम तक विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान कैप्टन ने विधायकों से नहीं मिलने की शिकायत दूर करने की कोशिश की और अपने पक्ष को मजबूत करना चाहा। इससे पहले कैप्टन अपने आवास पर कांग्रेस सांसदों को डिनर पर बुला चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार समिति की रिपोर्ट और राहुल गांधी से मिले फीडबैक के आधार पर सोनिया गांधी कैप्टन और सिद्धू के बीच विवाद सुलझाने के लिए एक साथ बैठक करेंगी। इससे पहले लंच पर विधायकों को बुलाने के पीछे कैप्टन का मकसद समय रहते नाराज नेताओं को मनाना है, ताकि अपनी शक्ति का भी प्रदर्शन किया जा सके।
हालात यह भी हैं कि कैप्टन किसी भी स्थिति में सिद्धू को साथ लेकर नहीं चलना चाहते। सिद्धू भी स्पष्ट कर चुके हैं कि वे कैप्टन के अधीन काम करने को तैयार नहीं हैं। चुनाव नजदीक होने के चलते कैप्टन और सिद्धू को लेकर आलाकमान को स्थिति अनुसार फैसला लेना होगा।

विधायकों ने कैप्टन की कार्यप्रणाली पर उठाए थे सवाल
पंजाब कांग्रेस का विवाद सुलझाने के लिए पार्टी आलाकमान की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति के सामने कैप्टन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हुए विधायकों ने कहा था कि सीएम अपनी ही पार्टी के विधायकों से नहीं मिलते। विधायकों को अपने हलके के कामकाज के बारे भी कैप्टन के चंडीगढ़ आवास पर अधिकारियों को पत्र देकर लौटना पड़ता है। विधायकों ने तीन सदस्यीय समिति को सलाह भी दी थी कि कैप्टन को अपना व्यवहार बदलने को कहा जाए और वे प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को अधिक से अधिक समय दें।

विधायकों के अलावा कुछ मंत्री भी मिलने पहुंचे
बुधवार को 16 विधायकों के अलावा कुछ मंत्री भी कैप्टन के बुलावे पर उनसे मिलने पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के अलावा विधायकों में सुखविंदर सिंह डैनी, लखवीर सिंह लक्खा, अजायब सिंह भट्टी, लाडी शेरोवालिया, नाजर सिंह मनशाइया कैप्टन से मिले।

कुछ विधायकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश हुई है। वैसे ज्यादातर विधायकों को कैप्टन से इसी बात की नाराजगी रही है कि वे पार्टी के नेताओं से नहीं मिलते है। कैप्टन अपने आवास पर कुछ विधायकों से एक साथ मिले, जबकि कुछ विधायकों के साथ उन्होंने अकेले में बातचीत की।

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