पुलिस विभाग को चोटी मंजूर नहीं, महिला सिपाहियों को बांधना होगा जूड़ा

पंजाब पुलिस की महिला सिपाहियों को जूड़ा के अलावा किसी और हेयर स्टाइल की अनुमति नहीं होगी। उन्हों ड्रेस कोड का पालन करना होगा। इसके तहत बालों को जूड़ा बनाकर काले रंग की जाली से बांधकर रखना होगा। होशियारपुर की एसएसपी अमनीत कौंडल ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है। अब पंजाब के बाकी जिलों के एसएसपी पत्र भेजेंगे।

पंजाब पुलिस की महिला कांस्टेबल अब ड्यूटी के दौरान अलग-अलग केश-विन्यास (हेयर स्टाइल) में नजर नहीं आएंगी। अब महिला सिपाहियों को ड्रेस कोड के तहत बालों को जूड़ा बनाकर काले रंग की जाली से बांधकर रखना होगा। होशियारपुर की एसएसपी अमनीत कौंडल द्वारा जिले में महिला सिपाहियों के लिए इस बाबत हिदायत जारी करने के बाद अन्य जिलों के एसएसपी ने पुलिस मुख्यालय से इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए पत्र भेजने का फैसला किया है।

मंगलवार को जिलों के पुलिस प्रमुखों द्वारा पत्र भेजे जाएंगे। इस संबंध में कुछ जिलों के एसएसपी ने बताया कि महिला कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड में उनके हेयर स्टाइल के बारे में भी विस्तार से हिदायतें दर्ज हैं। इसके तहत उन्हें ड्यूटी के दौरान जब वे वर्दी में हों तो अपने बालों को जूड़े के शक्ल में जाली से बांधना आवश्यक है। यह पूछे जाने पर कि यह हिदायतें अब तक लागू क्यों नहीं थीं, के बारे में अफसरों ने कहा कि वैसे तो सभी महिला कर्मचारी नियमों के प्रति सचेत रहती हैं और ड्यूटी के समय वे अपने बालों को चोटी के रूप में बांधकर रखती हैं।

महिला एसएसपी के हिदायत जारी करने से पुरुष अधिकारियों में राहत
एक एसएसपी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि महिला एसएसपी द्वारा हिदायतें जारी करना ज्यादा अच्छा रहा, क्योंकि पुरुष अधिकारी इस तरह के मामलों में थोड़ा झिझकते हैं। इस बीच, चंडीगढ़ स्थित पुलिस मुख्यालय में किसी भी अधिकारी ने इस मामले में कुछ भी कहने के इंकार कर दिया।

कौंडल ने पद संभालते ही जारी किया आदेश
अमनीत कौंडल ने पिछले हफ्ते ही होशियारपुर की एसएसपी का पद संभाला है। उन्होंने पद संभालते ही महिला सिपाहियों के लिए हिदायत जारी कर दी कि वे अलग-अलग हेयर स्टाइल बनाकर ड्यूटी पर न आएं और ड्रेस कोड का पालन करते हुए नियमानुसार जूड़ा बनाएं, जोकि उनकी वर्दी का हिस्सा भी है।
महिला कांस्टेबलों को अलग-अलग हेयर स्टाइल में ड्यूटी पर देखकर यह हिदायत जारी करनी पड़ी है। उम्मीद है कि सभी महिला कर्मचारी हिदायत का पालन करेंगी।

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